नामदोषअंक बदलेंगे, किस्मत बदलेगी
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इसके बारे में

आपके NUMEROLOGIST

RS

Rakeish Sud

चाल्डियन अंक पद्धति · नाम और spelling

हर नाम अपने अक्षरों में एक अंक लेकर चलता है, और वह अंक जन्मतिथि के अंकों से या तो मेल खाता है, या नहीं खाता। मेरा काम सिर्फ़ यह तय करना है कि कौन सा अंक किसके साथ बैठता है। उसके आगे की गिनती आपके अपने नाम और आपकी अपनी तारीख़ से होती है, इसलिए जो रिपोर्ट आपके हाथ में आती है, वह किसी और की नहीं, सिर्फ़ आपकी होती है।

2,500+
साल पुरानी पद्धति
10,000+
रिपोर्ट बन चुकीं
4.9
औसत रेटिंग

लोग क्या कहते हैं

  • अ

    अमित शर्मा

    इंदौर

    “सच बोलूँ तो भरोसा बिल्कुल नहीं था। पर रिपोर्ट में अक्षरों का पूरा जोड़ लिखा हुआ था। मैंने कागज़ पर खुद जोड़कर मिलाया, वही निकला। तब समझ आया कि यह अंदाज़े से नहीं बनी है।”

  • र

    रजत मेहरा

    दिल्ली

    “डर यही था कि नाम बदलना पड़ेगा, आधार-PAN के चक्कर लगाने पड़ेंगे। पर बदली सिर्फ़ spelling, बोलने में वही का वही नाम। अब WhatsApp और visiting card पर नई spelling ही लिखता हूँ।”

  • ह

    हितेश पटेल

    सूरत

    “दुकान के बोर्ड पर नई spelling लिखवा दी, बिल बुक भी नई छपवाई। इन तीन महीनों में जो ठीक हुआ वो इसी से हुआ, यह मैं नहीं कहूँगा, ऊपर वाला जाने। इतना कहूँगा कि काम पहले से ठीक चल रहा है।”

  • स

    सुनीता देवी

    जयपुर

    “हस्ताक्षर वाला हिस्सा अलग से लिया था। शीट प्रिंट करके बेटे ने दी, उस पर बीस-पच्चीस बार लिखा तब जाकर हाथ बैठा। अब पुराना दस्तख़त देखती हूँ तो खुद को ही अजीब लगता है।”

  • व

    विनोद कुमार

    लखनऊ

    “अपनी बनवाई, फिर पत्नी की भी करवा दी। उसके नाम में सिर्फ़ एक अक्षर का फ़र्क़ निकला। पढ़कर वो हँसने लगी और बोली, इतनी सी बात? पर लिखती अब वही है, हर जगह।”

  • प

    प्रीति नायर

    पुणे

    “ग्रिड वाले हिस्से ने सबसे ज़्यादा चौंकाया। मेरे जिन खानों में अंक नहीं थे, उनके बारे में जो लिखा था, वो बात मेरे बारे में सच है, यह मानना पड़ेगा।”

यह कैसे काम करता है

तीन कदम, और तीनों आपके सामने होते हैं

  1. १

    नाम और जन्मतिथि

    जिस तरह आप आज अपना नाम लिखते हैं (WhatsApp पर, visiting card पर), बिल्कुल वैसा ही। और सिर्फ़ जन्म की तारीख। जन्म का समय कहीं नहीं चाहिए।

  2. २

    तीन अंक निकलते हैं

    नाम के अंग्रेज़ी अक्षरों से नामांक, जन्म की तारीख से मूलांक, और पूरी जन्मतिथि के जोड़ से भाग्यांक। ये तीनों आपके सामने बनते हुए दिखते हैं: जोड़ भी, और उसका छोटा होकर एक अंक बनना भी।

  3. ३

    आपकी सही spelling निकलती है

    आपके नाम की सही spelling, उसी उच्चारण में, सिर्फ़ लिखने का तरीका बदला हुआ। साथ में आपके अपने दो अंकों की रीडिंग और जन्म-अंक ग्रिड के खाली खाने। कौन सी spelling आपकी है, यह आपकी अपनी गिनती तय करती है, हम नहीं।

आपके अंक क्या बताते हैं

जन्म की तारीख से बनने वाला मूलांक। अपनी तारीख का अंक चुनकर देखिए।

जिस तारीख को आपका जन्म हुआ है, उसका अंक चुनें। जैसे 19 तारीख वालों का मूलांक 1 होता है: 1 + 9 = 10, और 1 + 0 = 1।

यह सिर्फ़ जन्म की तारीख का अंक है। पूरी जाँच में आपका नाम और पूरी जन्मतिथि, दोनों जुड़ते हैं।

रिपोर्ट में क्या मिलता है

पाँच भाग, आपके अपने नाम और तारीख पर बने हुए

  1. भाग१
    आपके अंक

    आपके तीनों अंक पूरे (मूलांक, भाग्यांक, नामांक), हर एक का ग्रह, और तीनों के आपसी तालमेल का स्कोर। आपके अपने दो जन्म-अंक आपस में कैसे बैठते हैं, उसकी अलग रीडिंग। और दो अंकों वाली वह परत, जो चैल्डियन पद्धति इकाई तक पहुँचने से पहले पढ़ती है।

  2. भाग२
    आपका नाम

    आपके नाम की सही spelling, पूरे नंबर के साथ। हर अक्षर की गिनती का पूरा हिसाब, पहले वाली spelling का भी और नई का भी, और कौन सा अक्षर बदला, क्यों बदला। साथ में यह भी कि नया नामांक क्या कहता है, और नया नाम कहाँ-कहाँ लिखना है, कहाँ बिल्कुल नहीं।

  3. भाग३
    हस्ताक्षर अलग से

    तीन शैलियों में बना आपका अपना हस्ताक्षर, आपके मूलांक के हिसाब से नियम, 7 आम गलतियाँ, और प्रिंट करके ट्रेस करने लायक अभ्यास शीट।

  4. भाग४
    जन्म-अंक ग्रिड अलग से

    आपका पूरा लो-शू ग्रिड: कौन से अंक हैं, कौन से नहीं, कौन से ज़रूरत से ज़्यादा हैं, हर खाली अंक का मतलब, और उसे भरने का उपाय।

  5. भाग५
    आगे क्या करें

    90 दिन का सिलसिलेवार तरीका: क्या पहले हफ़्ते करना है, क्या पहले महीने। आपके अंक का दिन, रंग और दिशा भी इसी में।

भाग १, २ और ५: ₹49 की रिपोर्ट में शामिल

भाग ३ और भाग ४ रिपोर्ट के अंदर से खोले जाते हैं, एक ₹79 में, दोनों साथ ₹99 में।

भरोसे की बात

  • हर अंक आपका अपना

    कोई पहले से बनी रिपोर्ट नहीं भेजी जाती। हर जोड़ आपके नाम के अक्षरों और आपकी जन्मतिथि से उसी वक़्त निकाला जाता है, इसीलिए वही नाम, वही तारीख डालने पर हर बार वही जवाब आता है।

  • जँची नहीं तो दोबारा बनाकर देते हैं

    रिपोर्ट में कुछ ठीक न लगे, या नाम-जन्मतिथि में कुछ गलत टाइप हो गया हो, तो लिखिए। नई रिपोर्ट बिना किसी शुल्क के भेज दी जाती है। पैसे कट जाएँ और रिपोर्ट न खुले, या दो बार पैसे कटें, तो पूरी रकम अपने आप वापस। इसके बाद भी बात न बने तो 7 दिन के अंदर रिफंड के लिए लिख सकते हैं। हर मामला अलग से देखा जाता है। पूरी नीति रिफंड पृष्ठ पर है।

  • कोई कागज़ी बदलाव नहीं

    आधार, PAN, पासपोर्ट, बैंक खाता, लाइसेंस, एक भी दस्तावेज़ नहीं बदलता। जो बदलता है वह रोज़ के इस्तेमाल का लिखा हुआ नाम है।

  • तुरंत खुलती है

    भुगतान के बाद उसी स्क्रीन पर पूरी रिपोर्ट। कुछ भेजा नहीं जाता, किसी के देखने का इंतज़ार नहीं। लिंक आपके पास रहता है।

आम सवाल

  • क्या यह असली है?

    गिनती असली है। चैल्डियन पद्धति में हर अंग्रेज़ी अक्षर का एक तय मान होता है। उन्हीं से आपका नामांक बनता है, और आपकी जन्मतिथि से मूलांक और भाग्यांक। यह जोड़ आपके सामने होता हुआ दिखता है, और वही नाम-तारीख दोबारा डालने पर वही जवाब आता है। पर साफ़ बात यह भी है कि यह अंक ज्योतिष है, विज्ञान नहीं। यह एक परंपरा है, और यह जानकारी आत्म-चिंतन के लिए है। किसी नतीजे का दावा हम नहीं करते।

  • क्या मुझे आधार या PAN में नाम बदलवाना पड़ेगा?

    नहीं, एक भी कागज़ नहीं। आधार, PAN, पासपोर्ट, बैंक, ड्राइविंग लाइसेंस, प्रॉपर्टी के कागज़, सब जैसे हैं वैसे ही रहते हैं, और रिपोर्ट में यह अलग से लिखा भी होता है। बदलाव सिर्फ़ वहाँ होता है जहाँ नाम आप ख़ुद लिखते हैं: WhatsApp, Instagram, visiting card, ईमेल का signature, दुकान का बोर्ड।

  • अगर spelling बदली, तो नाम बोलने में फ़र्क़ आएगा क्या?

    नहीं, और यही पूरी शर्त है जिस पर हर सुझाव बनता है। आप नाम बोलेंगे वैसे ही, बस लिखेंगे अलग। जो नियम उच्चारण बदल दे, वह इस्तेमाल ही नहीं होता।

  • रिपोर्ट कब खुलती है?

    भुगतान होते ही, उसी स्क्रीन पर। कुछ डाक से या ईमेल से नहीं आता, किसी ज्योतिषी के देखने का इंतज़ार नहीं करना पड़ता। लिंक आपके पास रहता है, बाद में भी खोलकर पढ़ सकते हैं।

  • मेरे नाम की एक ही सही spelling क्यों दी जाती है?

    क्योंकि आपको लिखनी एक ही है। इंजन आपके नाम की सैकड़ों spelling बनाकर जाँचता है और उनमें से जो आपके मूलांक और भाग्यांक से सबसे अच्छा तालमेल बनाती है, वही रिपोर्ट में आती है, पूरे नंबर के साथ। तीन-चार विकल्प देना सुनने में ज़्यादा लगता है, पर उससे यह तय करना आप पर आ जाता है कि कौन सी लिखें, और वही काम आपने हमें सौंपा था। नई spelling जँचे नहीं, तो लिखिए। दूसरी बनाकर भेज दी जाती है।

  • पूरा नाम क्यों माँगा जाता है?

    क्योंकि अंक पूरे लिखे नाम पर निकलते हैं। "Rohit Sharma" के अक्षरों का जोड़ 35 है और अकेले "Rohit" का 19। दो अलग नामांक, यानी दो अलग रीडिंग। जिस नाम से आप हस्ताक्षर करते हैं, अंक उसी के होते हैं, इसलिए अधूरा नाम अधूरा जवाब देता है।

  • क्या जन्म का समय चाहिए?

    नहीं। सिर्फ़ तारीख: दिन, महीना और साल। मूलांक जन्म की तारीख से निकलता है और भाग्यांक पूरी जन्मतिथि के जोड़ से। समय कहीं इस्तेमाल नहीं होता, इसलिए पूछा भी नहीं जाता।

  • यह कौन सी पद्धति है?

    चैल्डियन। इसमें हर अक्षर का मान 1 से 8 के बीच होता है और 9 किसी अक्षर को नहीं दिया जाता, क्योंकि 9 को अपने आप में पूरा माना जाता है। यह पश्चिम की A=1, B=2 वाली पद्धति से अलग है, और नाम के अंक भारत में परंपरागत रूप से इसी से देखे जाते हैं।

  • पैसे वापस लेने का तरीका क्या है?

    पहला रास्ता रिफंड नहीं, दोबारा बनाना है। रिपोर्ट में कुछ ठीक न लगे, या नाम-जन्मतिथि गलत टाइप हो गई हो, तो लिखिए और नई रिपोर्ट बिना किसी शुल्क के भेज दी जाती है। अगर पैसे कट गए और रिपोर्ट नहीं खुली, या एक ही रिपोर्ट के लिए दो बार भुगतान हो गया, तो पूरी रकम अपने आप वापस मिलती है। और रिपोर्ट खुल जाने के बाद भी रिफंड का रास्ता बंद नहीं होता। भुगतान के 7 दिन के अंदर Payment ID के साथ हमें लिखें। हर मामला अलग से देखा जाता है। पूरी नीति रिफंड पृष्ठ पर लिखी है।

  • मेरा नाम और जन्मतिथि आपके पास रहती है क्या?

    नाम और जन्मतिथि सिर्फ़ रिपोर्ट बनाने और भुगतान से जोड़ने के लिए रखे जाते हैं। रिपोर्ट ख़ुद कहीं संभालकर नहीं रखी जाती, हर बार आपके नाम और तारीख से दोबारा निकाली जाती है। मोबाइल नंबर सिर्फ़ ज़रूरत पड़ने पर संपर्क के लिए रखा जाता है; ईमेल नहीं पूछा जाता।

अपने अंक देखिए

नाम और जन्मतिथि, दो मिनट लगते हैं